श्रीगणेशाची भजने
संकटनाशन गणेशस्तोत्र
वक्रतुंडा एकदंता
कृष्णपिंगाक्षा चिन्मया
मंगलमूर्ती मोरया
गणपतिबाप्पा मोरया
गजवक्त्रा लंबोदरा
विकटा गौरीप्रिया
मंगलमूर्ती मोरया
गणपतिबाप्पा मोरया
विघ्नराजेंद्रा धूम्रवर्णा
भालचंद्रा शिवतनया
मंगलमूर्ती मोरया
गणपतिबाप्पा मोरया
विनायका गजानना
चतुर्हस्ता नारदप्रिया
मंगलमूर्ती मोरया
गणपतिबाप्पा मोरया
भजनरूप श्रीगणपति-अथर्वशीर्ष
श्रीगणेशाय नम:
गणेशा तुझे अथर्वशीर्ष
भजनरूपे गातो मी |
नमुनी तुजला सकलाद्या |
वंदुनि तुजला विघ्नहर्त्या |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया ||
तत्त्व तू कर्ता तू
धर्ता तू, हर्ता तू
ब्रह्म तू, आत्मा तू || १ ||
सांगतो मी त्रिकालसत्या |
मंगलमूर्ती मोरया
गणपतिबाप्पा मोरया || २ ||
रक्षण कर तू सदैव माझे |
रक्षण कर तू वक्त्याचे |
रक्षण कर तू दात्याचे |
रक्षण कर धारकाचे |
रक्षण कर अनुयायाचे |
रक्षायाला ये शिष्या |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया ||
रक्षण कर पश्चिमेकडूनी |
रक्षण कर पूर्वेकडूनी |
रक्षण कर उत्तरेकडूनी |
रक्षण कर दक्षिणेकडूनी |
रक्षण कर तू ऊर्ध्व दिशेने |
रक्षण कर तू अर्ध्व दिशेने|
सभोवती सर्व दिशांनी |
येई मजला रक्षाया |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया || ३ ||
वाङ्मय तू चिन्मय तू |
आनंदमय, ब्रह्ममय तू |
सच्चिदानंद, अद्वितीय तू |
प्रत्यक्ष ब्रह्म तेच तू |
तू ज्ञानमय, विज्ञानमय |
व्यापसी त्रैलोक्या |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया || ४ ||
तुझ्यातुनि जग जन्म पावते |
तुझ्यात जग हे स्थिर राहते |
तुझ्यात जग हे लयास जाते |
प्रसवते तुझ्यात विश्वशरण्या |
भूमी, आप, अनल, अनिल, नभ |
चार वाक्पदे ठायी तुझिया |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया || ५ ||
गुणत्रयातीत तू |
अवस्थात्रयातीत तू |
देहत्रयातीत तू |
कालत्रयातीत तू |
मूलाधारामध्ये तू |
शक्तित्रयातीत तू |
योगी ध्याती नित्य तुला |
योग्यांच्या ध्यानविषया |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया ||
ब्रह्मा तू विष्णु तू |
रुद्र तू इंद्र तू |
अग्नि तू वायु तू |
सूर्य तू चंद्रमा तू |
ब्रह्म तू भूमि तू |
नभ आणि ॐकार स्वर |
सर्व काही तूच तू |
विश्वाच्या कैवल्या |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया || ६ ||
पहिले अक्षर 'ग्' म्हणावे |
पहिला वर्ण 'अ' म्हणावा |
अर्धचंद्र अन् अनुस्वारयुक्त |
मंत्ररूप तव भक्तिगम्या |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया ||
'ग'कार हे पूर्वरूप |
'अ'कार हे मध्यमरूप |
अनुस्वार हे अंत्यरूप |
बिंदु हे उत्तररूप |
नाद जोडुनी एकसंध |
मंत्र होई तव भक्तहृदया |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया ||
गणेशविद्या अशी ही |
गणकऋषींनी कथिलेली |
निचृद्गायत्री छंद जिचा |
देवता अन् गणपति |
'ॐ गॅं गणपतये नम:' |
जपा सदैव मंत्रा या |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया || ७ ||
जाणतो एकदंताला
ध्यातो वक्रतुंडाला
जेणेकरून प्रसन्न करू
आपण सारे दंतीला त्या
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया || ८ ||
गणेश आहे रक्तवर्ण |
सुपासारखे त्याचे कर्ण |
लंब उदर त्याचे आहे |
दात एकच त्याला आहे |
हात चार असती त्याला |
पाश पहिल्या करात |
दुसऱ्या हाती अंकुश |
तिसऱ्या करी हस्तिदंत |
चौथा कर तो उन्नत स्थितीत |
द्यावया भक्तांस वर |
रक्तगंध अनुलेप तयाला |
रक्तवस्त्र अंगावर |
रक्तफुलांनी होई पूजन |
मूषक त्याचे आहे वाहन |
भक्तांच्या हृदयी वसतो
भक्तांवरी तो करी दया |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया
गणेश अच्युत देव असा |
आहे कारण जगताचे |
आरंभी सृष्टीच्या |
प्रगटले रूप त्याचे |
प्रकृति आणिक पुरुष |
यांच्या पलीकडे आहे |
असे जाणुनी ध्यातो गणेश |
श्रेष्ठ योगी तो जगी या |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया || ९||
व्रातपतीला, गणपतीला |
प्रमथपतीला नमन असो|
लंबोदराला, एकदंताला |
विघ्ननाशकाला नमन असो |
शिवसुताला, वरदमूर्तिला |
नमू या नमू या |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया || १० ||
अथर्वशीर्ष जो हे ध्यातो
पावतो तो ब्रह्मपदा
सर्व सुखे त्यास लाभती
विघ्ने सारी जाती लया |
मंगलमूर्ती मोरया |
गणपतिबाप्पा मोरया || ११||
श्रीगणेशार्पणमस्तु
अष्टविनायक:
मोरेश्वरा विघ्नेश्वरा
बल्लाळेश्वरा भक्तप्रिया
मंगलमूर्ती मोरया
गणपतिबाप्पा मोरया
वरदविनायका चिंतामणी
सिद्धिविनायका सिद्धिदात्या
मंगलमूर्ती मोरया
गणपतिबाप्पा मोरया
विघ्नेश्वरा महागणपती
अष्टविनायका ध्यानगम्या
मंगलमूर्ती मोरया
गणपतिबाप्पा मोरया
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