शिरडी के साईबाबा की कहानियां
बाबा गेहूं पीसकर हैजा रुकवाते हैएक बार सुबह सुबह बाबा ने हाथ की चक्की से गेहूं पीसना शुरू किया. सब लोग चकित रह गये. देखने के लिये भीड़ उमड़ पडी. भीड़ से चार औरते आगे आई और बाबा की मदद करने लगी. मदद करते समय वो औरतें सोच रही थी , कि गेहूं पीसकर जो आटा बनेगा उसे बाबा हम में बांट देंगे. परंतु जब आटा तैयार हो गया, तब बाबा ने उसे गांव की सीमा पर बिखेरने को बोला. उस वक्त शिर्डी और आसपास के गांवों में हैजा का प्रकोप चल रहा था. बाबा की इस लीला का यह परिणाम हुआ कि शिर्डी गांव में हैजा फैला नहीं.